डॉ. सलीम अहमद एटवी साहब को

सफेद दाग (Vitiligo) जीवन की पहचान नहीं, केवल एक त्वचा की स्थिति है।

मैं डॉ. सलीम अहमद एटवी साहब को वर्ष 2004 से जानता हूँ। हमने एक साथ राजीव अकादमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, मथुरा में अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। उस समय उन्हें सफेद दाग नहीं था। लगभग 10 वर्ष पहले उन्हें विटिलिगो (सफेद दाग) हुआ।
आज जब उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, तो उनकी एक बात दिल को छू गई—**”सफेद दाग के इलाज के पीछे भागने से बेहतर है कि अपने करियर, प्रतिभा और सपनों के पीछे भागिए। सफलता स्वयं आपकी पहचान बन जाएगी।”**
यह संदेश उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है जो विटिलिगो के कारण आत्मविश्वास खो बैठते हैं।
डॉ. सलीम अहमद एटवी देश के प्रतिष्ठित शायर, कवि, साहित्यकार और गणित के प्रोफेसर हैं। उनकी शायरी और साहित्य में मानवीय संवेदनाएँ, प्रेम, भाईचारा, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता की सुंदर अभिव्यक्ति मिलती है। वे देशभर के मुशायरों, कवि सम्मेलनों और साहित्यिक आयोजनों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं का दिल जीतते हैं।
आइए, उनके जीवन से यह सीखें कि विटिलिगो आपकी त्वचा को बदल सकता है, लेकिन आपकी प्रतिभा, आपके सपनों और आपकी पहचान को नहीं।
💙 यदि यह संदेश आपको प्रेरित करता है, तो इसे अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें ताकि सफेद दाग से जुड़ी भ्रांतियाँ कम हों और लोगों का आत्मविश्वास बढ़े।

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