विटिलिगो सपोर्ट इंडिया — जागरूकता, सहयोग और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम

विटिलिगो सपोर्ट इंडिया: एक सकारात्मक बदलाव की पहल
विटिलिगो सपोर्ट इंडिया सफेद दाग से प्रभावित लोगों के लिए जागरूकता, सहयोग और प्रेरणा का एक मजबूत मंच है। यह संस्था मानसिक स्वास्थ्य, स्वीकार्यता और समुदाय की एकजुटता पर जोर देती है।
इस पहल को युक्ति इनोवेशन चैलेंज 2025 में चयन मिलने से इसकी सामाजिक उपयोगिता और प्रभाव और भी स्पष्ट होता है।
Innovation Journey: GL Bajaj से राष्ट्रीय मंच तक
यह प्रोजेक्ट GL Bajaj Group of Institutions से रवींद्र जायसवाल द्वारा विकसित किया गया।
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पहले राउंड में प्रोजेक्ट को TRL-5 रेटिंग मिली।
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25 नवंबर 2025 को दूसरे राउंड में उन्होंने और उनके साथी श्री गोविन्द राम ने जूरी के सामने प्रस्तुति दी।
दो भावनात्मक प्रसंग जिन्होंने इस मिशन की दिशा बदल दी

1. एक छात्रा की भावुक बात — “सर, आपका मिशन बहुत अच्छा है”
दूसरे राउंड में दो बच्चे कोऑर्डिनेटर थे।
मैंने एक छात्रा से उसकी खींची फोटो मांगी।
उसने भावुक होकर कहा—
“सर, आपका मिशन बहुत अच्छा है।”
यह सुनकर मैंने अपने साथी गोविन्द से कहा:
“प्रोजेक्ट पास हो या न हो, फर्क नहीं पड़ता…
अगर मेरी इस पहल से कोई एक व्यक्ति भी जागरूक हो रहा है,
तो यही मेरे लिए पर्याप्त है।”
2. Collaboration का प्रस्ताव — छात्र बोले “अंकल, हम भी जुड़ना चाहते हैं”
प्रेज़ेंटेशन के बाद जब हम बाहर आए,
तो तीन छात्र हमारे पास आए और बोले:
“अंकल, आपके प्रोजेक्ट में मैट्रीमोनियल साइट का जिक्र है।
हमारी भी एक मैट्रीमोनियल साइट है।
अगर आप चाहें तो Collaboration कर सकते हैं।”
हमने उनका नंबर लिया और आगे चर्चा करने का आश्वासन दिया।
यह दिखाता है कि यह मिशन नए युवाओं को भी प्रेरित कर रहा है।
युक्ति इनोवेशन चैलेंज: उद्देश्य और महत्व
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य है—
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देश के इनोवेशन को एक मंच देना
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मेन्टर्स से मार्गदर्शन उपलब्ध कराना
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संभावित फंडिंग का अवसर प्रदान करना
विटिलिगो सपोर्ट इंडिया का चयन यह संदेश देता है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहलें अब मुख्यधारा में आ रही हैं।
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