
कभी मुझे खुद से डर लगता था – विटिलिगो की सच्ची स्वीकारोक्ति
🌱 प्रस्तावना कभी मुझे खुद से डर लगता था…हाँ, ये सच है। विटिलिगो सपोर्ट इंडिया की शुरुआत से पहले, मैं अपने ही दागों से डरता था। आईना देखते ही सवाल उठता — क्या लोग मुझे भी उसी नज़र से देखेंगे जैसे मैं खुद को देखता हूँ? 💭 डर से स्वीकारोक्ति तक जब किसी सफेद दाग […]
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