Emotions & Experiences

शादी के लिए रिश्ते नहीं आते या ठुकरा दिए जाते

शादी के लिए रिश्ते नहीं आते या ठुकरा दिए जाते   By: रवीन्द्र जायसवालश्रेणी: व्यक्तिगत अनुभव | आत्मस्वीकृति | समाजिक सोच में बदलाव नमस्कार दोस्तों!मैं रवीन्द्र जायसवाल,और आज हम बात करेंगे एक ऐसे विषय पर, जो न जाने कितने लोगों के दिल को छूता है –“शादी के रिश्ते नहीं आते या बार-बार ठुकरा दिए जाते […]

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सार्वजनिक रूप से बाहर जाने का डर और तस्वीर लेने में झिझक

सार्वजनिक रूप से बाहर जाने का डर और तस्वीर लेने में झिझक   By: रवीन्द्र जायसवालश्रेणी: आत्म-स्वीकृति | विटिलिगो जागरूकता | सामाजिक सोच में बदलाव (कैमरा: क्लोज़अप शॉट – आत्मविश्वास से भरा हुआ) नमस्कार दोस्तों!क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि लोग आपको घूर रहे हैं?क्या किसी सार्वजनिक जगह पर जाने से पहले आपके

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खाने-पीने को लेकर अनावश्यक सलाह – मिथक बनाम सच्चाई

खाने-पीने को लेकर अनावश्यक सलाह – मिथक बनाम सच्चाई   लेखक: रवीन्द्र जायसवालश्रेणी: सामाजिक भ्रांतियाँ | विटिलिगो जागरूकता | वैज्ञानिक दृष्टिकोण नमस्कार दोस्तों!मैं रवीन्द्र जायसवाल और आज हम बात करेंगे उन अनचाही और बेमतलब सलाहों की, जो हम जैसे विटिलिगो से प्रभावित लोगों को अकसर सुनने को मिलती हैं। मिथकों की भरमार – “दूध और

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लोग घूरते हैं… और सलाह देने लगते हैं

लोग घूरते हैं… और सलाह देने लगते हैं By: Ravindra Jaiswal “क्या आपने कभी महसूस किया है कि जब आप समाज में जाते हैं,तो लोग आपको घूरने लगते हैं?” उनकी निगाहों में एक सवाल नहीं,बल्कि सैकड़ों अनकहे शक होते हैं।और फिर…सलाहों की बौछार शुरू हो जाती है। कोई पूछता है –‘तुमने उस नदी में स्नान

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“क्या मैं अशुभ हूँ?” | विटिलिगो और परंपराओं से जुड़ा सच

“क्या मैं अशुभ हूँ?” | विटिलिगो और परंपराओं से जुड़ा सच By: Ravindra Jaiswal “क्या सिर्फ हमारी त्वचा का रंग बदल जाने से हम किसी शुभ कार्य के लायक नहीं रहते?” “समाज की सबसे बड़ी बीमारी यह नहीं है कि वो हमें अलग समझता है,बल्कि यह है कि वो हमें ‘अशुभ’ मान लेता है।” 🕯️

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विटिलिगो—एक नई पहचान, एक नई ताकत

विटिलिगो—एक नई पहचान, एक नई ताकत   “नमस्कार दोस्तों,   आज मैं आपसे एक खास बात करने आया हूँ—एक ऐसी बात, जो सिर्फ विटिलिगो से प्रभावित लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए जरूरी है।“ 1.      क्या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ कि लोग आपकी त्वचा को देखकर जज करते हैं?

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मेरी जर्नी, मेरी पहचान | विटिलिगो से लड़ाई और उम्मीद की कहानी

मेरी जर्नी, मेरी पहचान | विटिलिगो से लड़ाई और उम्मीद की कहानी By: Ravindra Jaiswal 🙏 नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम Ravindra Jaiswal है,और आज मैं आपसे अपनी सच्ची कहानी साझा करना चाहता हूँ।यह सिर्फ मेरी कहानी नहीं है, यह उन लाखों लोगों की आवाज़ है जो विटिलिगो के साथ जी रहे हैं और समाज की

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क्या सुंदरता सिर्फ त्वचा तक सीमित है? – विटिलिगो से प्रभावित लोगों की आवाज़

क्या सुंदरता सिर्फ त्वचा तक सीमित है? – विटिलिगो से प्रभावित लोगों की आवाज़   लेखक: रविन्द्र जायसवालश्रेणी: जागरूकता | विटिलिगो | समाज और सोच हमारे समाज में “सुंदरता” शब्द का जिक्र होते ही ज़ेहन में एक छवि उभरती है — गोरी, बेदाग और चमकती त्वचा। लेकिन क्या यही असली सुंदरता है? क्या किसी इंसान

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