यह सिर्फ़ एक मंच नहीं… मेरे जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है
आज पहली बार मैं खुद के बारे में लिख रहा हूँ।
इस तस्वीर और इस पोस्टर को देखकर मेरे मन में बहुत से भाव उमड़ रहे हैं। यह तस्वीर मेरे लिए सिर्फ़ एक तस्वीर नहीं है… यह मेरे जीवन के एक ऐसे पल की गवाही है, जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता।
और सबसे खास बात यह थी कि यह कार्यक्रम Facebook पर Live प्रसारित हो रहा था।
शायद उस समय मेरे अंदर भी एक डर था…
क्या मैं लोगों के सामने ठीक से बोल पाऊँगा?
क्या लोग मेरी बात सुनेंगे?
क्या मैं अपने विचारों को सही तरीके से लोगों तक पहुँचा पाऊँगा?
लेकिन आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो महसूस होता है कि वह सिर्फ़ एक भाषण नहीं था… वह मेरे सपने की शुरुआत थी।
इस कार्यक्रम से पहले मुझे मानसिक रूप से आहत करने और मुझे कार्यक्रम से दूर करने का प्रयास भी किया गया। कार्यक्रम शुरू होने से ठीक लगभग दो घंटे पहले मुझे फोन किया गया। मैंने उस समय फोन नहीं उठाया, क्योंकि मैं समझ रहा था कि उस समय उस कॉल के पीछे क्या उद्देश्य हो सकता है।
मैंने उस कॉल को नजरअंदाज किया और अपने उद्देश्य से विचलित नहीं हुआ।
उस समय मेरे सामने केवल एक ही बात थी—
मुझे यह कार्यक्रम करना है और लोगों तक अपनी बात पहुँचानी है।
कभी-कभी जीवन में कुछ लोग आपको रोकने की कोशिश करते हैं, आपको मानसिक रूप से कमजोर करने की कोशिश करते हैं… लेकिन जब आपका उद्देश्य सच्चा हो, तो आप किसी भी परिस्थिति में रुकते नहीं हैं।
आज Vitiligo Support India मेरे लिए केवल एक संस्था या संगठन नहीं है।
यह मेरे लिए एक परिवार है। 
मेरा सपना है कि इस परिवार से केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर कोने से जुड़े लोग जुड़ें। जिस किसी के जीवन में Vitiligo है, जो किसी तरह के भेदभाव, तानों, अकेलेपन या मानसिक संघर्ष से गुजर रहा है—उसे यह महसूस हो कि वह अकेला नहीं है।
मैं चाहता हूँ कि Vitiligo Support India एक ऐसा परिवार बने, जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान मिले, अपनापन मिले और यह विश्वास मिले कि उसके सपने उसकी त्वचा के रंग से कहीं बड़े हैं।
हाँ… मैं जानता हूँ कि यह सपना बहुत बड़ा है।
शायद इसे पूरा करने के लिए मेरा पूरा जीवन भी कम पड़ जाए।
लेकिन फिर भी मैं कोशिश करता रहूँगा।
क्योंकि कुछ सपने सिर्फ़ अपने लिए नहीं देखे जाते…
कुछ सपने आने वाली पीढ़ियों के लिए देखे जाते हैं।
मेरी कोशिश रहेगी कि मैं Vitiligo Support India को इतना मजबूत बना सकूँ कि मेरे बाद भी कोई इसे आगे बढ़ाता रहे… कोई इस परिवार की जिम्मेदारी संभाले… और यह अभियान कभी रुके नहीं।
क्योंकि मेरी मंज़िल सिर्फ़ Vitiligo के बारे में जागरूकता फैलाना नहीं है।
मेरी मंज़िल है—
लोगों को जोड़ना, उन्हें हिम्मत देना और समाज की सोच को बदलना।
आज मैं जहाँ भी हूँ, वहाँ अकेले नहीं पहुँचा हूँ। इस सफर में मेरा साथ देने वाले हर व्यक्ति, हर Vitiligo Warrior, हर परिवार, हर सहयोगी और आप सभी का योगदान है। 

और सच कहूँ तो… आप सभी के सहयोग के बिना यह सफर यहाँ तक नहीं पहुँच सकता था।
आज यह मंच मेरे लिए केवल एक याद नहीं, बल्कि एक विश्वास है—
कि अगर इरादे सच्चे हों, तो एक छोटी-सी शुरुआत भी एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है।
Vitiligo Support India मेरे लिए सिर्फ़ एक नाम नहीं…
यह मेरा सपना है, मेरा परिवार है और मेरे जीवन का उद्देश्य है। 
From Stigma to Strength
कलंक से शक्ति की ओर
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