Sada Daag – बंगाल की भाषा में सफ़ेद दाग़ का नाम

Sada Daag – बंगाल की भाषा में सफ़ेद दाग़ का नाम

by Ravindra Jaiswal | Vitiligo Support India

पूर्वी भारत की संस्कृति, भाषा और संवेदनशीलता में विटिलिगो को एक अलग नाम मिला है—
“Sada Daag” या “Sada Rog”

बंगाली में “Sada” का अर्थ है सफ़ेद,
और “Daag” का अर्थ है त्वचा पर निशान

यह नाम भले सरल हो, लेकिन इसके साथ जुड़ी भावनाएँ गहरी हैं।


बंगाल में Sada Daag से जुड़े मान्यताएँ

बंगाल, असम और आसपास के क्षेत्रों में कई लोग इसे
मौसम, पानी, भोजन या शरीर की “गर्मी” से जोड़कर देखते हैं।
कई पुराने परिवारों में अब भी यह धारणा मिलती है कि यह
कर्म का फल” है — जो एक पूर्ण भ्रम है।

परंतु आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों स्पष्ट कहते हैं:

श्वित्रं न संसर्गजं, न चापि कर्मजं।
Shvitram na sansargajam, na chapi karmajam
अर्थ — यह न छूत से फैलता है, न यह किसी पाप का परिणाम है।

विटिलिगो केवल शरीर की autoimmune प्रतिक्रिया है,
समाज की सज़ा नहीं।


रंग की नहीं, दृष्टि की ज़रूरत है

रवींद्रनाथ टैगोर की एक खूबसूरत पंक्ति है—

“যে রঙে আকাশে আলো, সে রঙে প্রাণে ভালো।”
(जिस रंग में आकाश चमकता है, उसी रंग में जीवन की सुंदरता है।)

तो क्यों न हम भी उसी दृष्टि से देखें?
क्यों न Sada Daag को Sada Dil की तरह स्वीकारें —
शुद्ध, संवेदनशील और खूबसूरत।

नाम चाहे Sada Daag, Sada Rog, या Vitiligo हो…
महत्त्व इस बात का है कि हम समझें—

यह कोई शर्म की बात नहीं,
बल्कि जीवन की एक नई परत है —
जो हमें और मज़बूत बनाती है।


मैं हूँ रविन्द्र जायसवाल,
और आप देख रहे हैं Vitiligo Support India Channel
हमारा संदेश —

“रंग नहीं, सोच बदलिए।”

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